सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

लायसोसोम (लयनकाय)

 लायसोसोम (लयनकाय)







*लयनकाय की खोज डी-डूबे ने चूहे की यकृत कोशिका में की थी।
*लायसोसोम का निर्माण गोल्जीकाय से होता है।

*लाइसोसोम एकल झिल्ली से घिरी हुई गोलाकार पुटिका होती है। 

*लाइसोसोम में सभी 50 प्रकार की जल अपघटनी एंजाइम पाए जाते हैं जैसे हाइड्रोलेजेज, लाइपेजेज, प्रोटिलेजेज, कार्बोहाइड्रेजेज etc.

*यह एंजाइम अम्लीय परिस्थितियों में सर्वाधिक सक्रिय होते हैं । 

 *लाइसोसोम के एंजाइम कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, लिपिड, न्यूक्लिक अम्ल आदि का पाचन करते हैं। 

 *किसी कारण से लाइसोसोम के एंजाइम कोशिका द्रव्य में मुक्त हो जाते हैं तो यह कोशिका का पाचन कर देते हैं। 
 इस कारण लाइसोसोम को आत्मघाती थैलिया या कोशिका का एटम बम कहते हैं।



आगे पढ़ें:--




टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

इनफ्लुएंजा वायरस (H1N1) या स्वाइन फ्लू

 

टिक-बोर्न वायरस (Tick-Borne Virus).

 

निपाह वायरस