Cell wall
कोशिका भित्ति की खोज रॉबर्ट हुक ने की थी कवक व पादप की जीव द्रव्य झल्ली के बाहर पाए जाने वाले दृढ़ निर्जीव आवरण को कोशिका भित्ति कहते हैं।
* कोशिका भित्ति पार्क में प्रकृति की होती है
*कोशिका भित्ति कोशिका को निश्चित आकार व आकृति प्रदान करती है।
* यांत्रिक हानियों से बचाती है संक्रमण से रक्षा करती है।
* दो कोशिकाओं के बीच आपसी संपर्क बनाती है से वालों की कोशिका भित्ति सैलूलोज गैलेक्टोज मनोज व caco3 की बनी होती है।
*कवक की कोशिका भित्ति काइटीन की बनी होती है।
*कुछ प्लांट की कोशिका भित्ति सैलूलोज हेमईसैलूलोज और पेक्टिन की बनी होती है
*जीवाणु एवं वनस्पति कोशिकाओं में कोशिका झिल्ली के बाहर निर्जीव, पारगम्य तथा मोटी दीवाल पायी जाती है उसे कोशिका भित्ति कहते हैं।
*वनस्पति कोशिका में यह कोशिका झिल्ली के बाहर किन्तु जीवाणु में स्लाइम पर्त के नीचे रहती है।
* कुछ निम्न श्रेणी के एक कोशिकीय पौधे, वनस्पति की जनन कोशिका एवं प्राणी कोशिका में कोशिका भित्ति नहीं होती। कोशिका भित्ति का निर्माण सेलूलोज, पेक्टोज तथा अन्य निर्जीव पदार्थों द्वारा होता है। कोशिका भित्ति में दो परतें होती हैं जिनके मध्य लमेला नामक दीवाल होती है। कोशिका भित्ति का मुख्य कार्य कोशिका को आकृति प्रदान करना एवं प्रोटोप्लाज्म की रक्षा करना है।
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